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जिले के समीपवर्ती ग्राम नादिया और चांदनखेड़ा के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की दुर्दशा देखकर किसी की भी आंखो में आंसु आ सकते हैं,बच्चो को शिक्षा के मन्दिर में आकर झाड़ू लगाने,स्वयं के बर्तन मांजने के साथ मध्याह्न भोजन योजना के कर्मचारियों के भी झूठे बर्तन मांजने पड़ते हैं।ग्राम वासियों के अनुसार बच्चे डर के कारण कुछ कह भी नहीं पाते हैं और विद्यालय में शिकायत करने का तो सवाल ही नहीं उठता मास्टर साहब बच्चों का भविष्य खराब करने की धमकी देते हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ शिक्षक विगत तीन माह से विद्यालय ही नहीं आए है शिकायत करने पर भारतीय तंत्र उल्टा शिकायत करने वाले व्यक्ति पर ही कार्यवाही करता है, इसी भय और बच्चों के भविष्य की चिन्ता के बावजूद कुछ ग्रामीणों ने सी. एम. हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज की परंतु आश्वासन के अलावा कुछ हाथ नहीं लगा।

