नरसिंहपुर।
संत कबीर छात्रावास में रहने वाले छात्रों को दयनीय स्थिति में रहकर अध्ययन करना पड़ रहा है। छात्रावास परिसर में स्वछता का अस्तित्व ही नहीं है।छात्रों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति व्यवस्था भी नहीं है। छात्रों की स्थिति देखकर जब छात्रों से बात करने की कोशिश की गई तो वार्डन के भय के कारण कुछ नहीं कह पाए। वास्तविक स्थिति तो यह है कि मासूम बच्चों को स्वयं ही भोजन बनाना पड़ता है, जबकि कहा जाता है कि छात्रावास में मैस सुविधा उपलब्ध है। यदि छात्रावास में सुविधा उपलब्ध है तो बच्चों से भोजन क्यों बनवाया जाता है इसका कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दिया गया। छात्र बताते हैं कि विद्युत व्यवस्था भी उचित नहीं है, शिकायत करने पर छात्रों के नाम नोट कर उन्हें छात्रावास परिसर से निकाल देने की धमकी दी जाती है।
ज्ञात हो कि छात्रावास का प्रभार विनय शर्मा जी के हाथ में है।अक्सर शर्माजी बच्चों को जाती सुचक शब्दों से संबोधित करते हैं। जिसके कारण बच्चों को घोर मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है।

