आस पास।
मध्यप्रदेश के लगभग डेढ़ दर्जन जिले सूखाग्रस्त घोषित किए जा सकते हैं। गिरते हुए जल स्तर एवम् अपर्याप्त वर्षा के कारण नरसिंहपुर जिले के किसानों और आम जनता में भविष्य के प्रति चिन्ता और भय व्याप्त है। परन्तु जागरूकता के अभाव में जल सहेज कर रखने की प्रवृति अब भी नहीं है। यदि इसी तरह नदियों का दोहन किया जाता रहा वर्षा जल संग्रहण नहीं किया गया तब ज्यादा देर नहीं लगेगी रेगिस्तान बनने में। वैज्ञानिकों के अनुसार जल स्तर में प्रति वर्ष लगभग एक से डेढ़ फीट तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। यदि अब भी नरसिंहपुर जिले की जनता जागरूक नहीं हुई तब हम अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जायेंगे।
मध्यप्रदेश के लगभग डेढ़ दर्जन जिले सूखाग्रस्त घोषित किए जा सकते हैं। गिरते हुए जल स्तर एवम् अपर्याप्त वर्षा के कारण नरसिंहपुर जिले के किसानों और आम जनता में भविष्य के प्रति चिन्ता और भय व्याप्त है। परन्तु जागरूकता के अभाव में जल सहेज कर रखने की प्रवृति अब भी नहीं है। यदि इसी तरह नदियों का दोहन किया जाता रहा वर्षा जल संग्रहण नहीं किया गया तब ज्यादा देर नहीं लगेगी रेगिस्तान बनने में। वैज्ञानिकों के अनुसार जल स्तर में प्रति वर्ष लगभग एक से डेढ़ फीट तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। यदि अब भी नरसिंहपुर जिले की जनता जागरूक नहीं हुई तब हम अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जायेंगे।