नरसिंहपुर।
शासकीय जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर की बदतर हालत रात के समय और भी भयावह दिखाई देती है।परिजन रात के अंधेरे में खुले आसमान के नीचे समय बिताने को मजबुर है।क्या अस्पताल प्रशासन के पास बिजली पानी जैसी प्राथमिक सुविधाओं के लिए भी फंड नहीं है।रात में अधिकतर महिला मरीज और उसके परिजन एक ही पलंग पर विश्राम करते हुए देखे जाते हैं।अगर कभी रात में मरीज कि स्तिथि बिगड़ जाती है तो भी डॉक्टर आसानी से उपलब्ध नहीं होते। स्वास्थ्य सेवा कर्मी अभद्र भाषा का प्रयोग करने से भी नहीं चूकते।पुरुष वार्ड को देखने पर ऐसा लगता है जैसे हम जेल आ गए बदतर हालत के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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