आस पास।
इस समय चारों तरफ नवरात्र एवम् मुहर्रम को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।सभी देश के लिए सुख और शांति की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि देश में अमन और चैन बना रहे। परन्तु कुछ लोग दर्शन के नाम पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।बाईक पर चार -पांच बैठकर अपनी और अपने परिजनों की भी सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते। ऑटो की स्तिथि तो और भी खराब है दस से बारह सवारियां ठूस ठूस कर बिठाई जाती है,अगर इन्हें समझाइश दी जाती है तो धर्म की आड़ में विवाद करने लगते हैं। यातायात नियमों की परवाह भी नहीं की जाती है। रात के अंधेरे में दुर्घटना का अंदेशा और भी बड़ जाता है।
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