नरसिंहपुर।
शहर में नाबालिग तेज गति से वाहन दौड़ाते हुए देखे जा सकते हैं। अधिकतर विद्यालय के समय बाईक पर तीन या चार बैठकर यहां वहां हुड़दंग करते हैं। और ऐक्सिडेंट होने पर अपने माता पिता की पहुंच की धौंस दिखाने से भी नहीं चूकते। अक्सर ऐसे नाबालिग बच्चे लड़कियों को कॉमेंट्स पास करने से भी नहीं डरते हैं। जिसके कारण मासूम बच्चियां राह में अकेले चलने से भी डरती हैं। बिना नंबर या समझ में नहीं आने वाले पैटर्न के नंबर की बाइक शहर में नाबालिगों के पास आसानी से देखी जा सकती है। और इसी बात का फायदा उठाकर दुर्घटना होने के बाद आसानी से भाग निकलने की कोशिश करते हैं।
शहर में नाबालिग तेज गति से वाहन दौड़ाते हुए देखे जा सकते हैं। अधिकतर विद्यालय के समय बाईक पर तीन या चार बैठकर यहां वहां हुड़दंग करते हैं। और ऐक्सिडेंट होने पर अपने माता पिता की पहुंच की धौंस दिखाने से भी नहीं चूकते। अक्सर ऐसे नाबालिग बच्चे लड़कियों को कॉमेंट्स पास करने से भी नहीं डरते हैं। जिसके कारण मासूम बच्चियां राह में अकेले चलने से भी डरती हैं। बिना नंबर या समझ में नहीं आने वाले पैटर्न के नंबर की बाइक शहर में नाबालिगों के पास आसानी से देखी जा सकती है। और इसी बात का फायदा उठाकर दुर्घटना होने के बाद आसानी से भाग निकलने की कोशिश करते हैं।