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नरसिंहपुर।
जिले में पुलिस के सख्त रवैए को देखते हुए, जुआ फड़ संचालित करने वाले जिले के सीमावर्ती गांवों में आजकल अपने पैर पसार रहे हैं। इनका नेटवर्क लगातार पुलिस से बचने के तरीके ईजाद करता रहता है। जुआ फड़ संचालित करने वाले मार्ग में हर नये आने जाने वालों पर नजर रखते हैं, जुआ खेलने वालो का मोबाइल बंद करवा दिया जाता है,वाहन भी जुआ खेलने के स्थान से दुर छुपाकर रखवाया जाता है।सबसे मुख्य बात यह है की इनके दलाल जुआ खेलने वाले को सुरक्षित खेलने देने के बदले में रकम हासिल करते हैं।२००-३०० रुपए प्रति खेल का चार्ज लेते हैं। बेरोजगार युवक कमाई के चक्कर में पड़कर अपना सब दांव पर लगा देते हैं। आश्चर्य की बात है कि गांव में जुआ फड़ संचालित की जाती है परन्तु गांव सरपंच सचिव दोनों कभी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करते।
नरसिंहपुर।
जिले में पुलिस के सख्त रवैए को देखते हुए, जुआ फड़ संचालित करने वाले जिले के सीमावर्ती गांवों में आजकल अपने पैर पसार रहे हैं। इनका नेटवर्क लगातार पुलिस से बचने के तरीके ईजाद करता रहता है। जुआ फड़ संचालित करने वाले मार्ग में हर नये आने जाने वालों पर नजर रखते हैं, जुआ खेलने वालो का मोबाइल बंद करवा दिया जाता है,वाहन भी जुआ खेलने के स्थान से दुर छुपाकर रखवाया जाता है।सबसे मुख्य बात यह है की इनके दलाल जुआ खेलने वाले को सुरक्षित खेलने देने के बदले में रकम हासिल करते हैं।२००-३०० रुपए प्रति खेल का चार्ज लेते हैं। बेरोजगार युवक कमाई के चक्कर में पड़कर अपना सब दांव पर लगा देते हैं। आश्चर्य की बात है कि गांव में जुआ फड़ संचालित की जाती है परन्तु गांव सरपंच सचिव दोनों कभी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करते।
