नरसिंहपुर।
प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले साप्ताहिक बाजार में मोर पंखों की बिक्री कई संदेहों को जन्म देती है,मोर अपने पंख स्वयं छोड़ता है इसी कमजोर कड़ी का फायदा उठाकर मोर पंखों की खातिर मोर का शिकार करने से भी गुरेज नहीं करते।वन विभाग की लापरवाही कहें या मिलीभगत दोनों ही परिस्थितियों में मोर पंख बेचने वालों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर फायदा ही पहुंचता है। जिले में कितने व्यक्तियों या दुकानदारों को लाइसेंस जारी किए गए हैं क्या सड़क पर फेरी वालों को भी मोर पंख बेचने का लाइसेंस जारी किया जाता है। यह कुछ ऐसे ज्वलंत सवाल है जो वन विभाग की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं।


