घाट पिंडरई।
वैसे तो घाट पिंडरई तक जाने वाले मार्ग को देखकर आप सोच भी नहीं सकते कि गांव की स्थिति कितनी बद्तर है।गांव के अंदरप्रवेश करते ही सड़क जैसे अचानक कहीं छुप जाती है और सड़क की जगह गहरे गड्ढे दिखाई देने लगते हैं।स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण तो किया जा चुका है परन्तु स्वास्थ्य केंद्र जाने पर भवन भी अपनी दुर्दशा पर आंसु बहाता प्रतीत होता है।ऐसा ही कुछ हाल आंगनबाड़ी और प्रा. शाला का है बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र एवम् शाला में कम सड़क पर खेलते हुए अधिक मिलते हैं। ग्रामीणों के अनुसार यहां अपात्रों को योजनाओं का लाभ सरपंच द्वारा आसानी से प्राप्त हो जाता है पर पात्र हितग्राही दरबदर भटकने को मजबुर है, पेयजल आपूर्ति की आड़ में चहेतों के निवास के आस पास नल या हैंडपंप लगवा कर पेयजल योजना का भी बंटाधार कर दिया गया है। ग्रामीणों की स्थिति इतनी भयावह है कि वे किसी से शिकायत भी नहीं कर सकते हैं।



