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आस पास।
शहर में छेड़खानी की घटनाएं आम बात हो गई है। रेलवे स्टेशन ,कॉलेज ,स्कूल,बस स्टैंड जैसी जगहें मनचलों के निशाने पर रहते हैं।स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को अधिकतर सेक्सुअल हैरेसमेंट का शिकार होना पड़ता है। नाम जाहिर न करने की शर्त पर छात्राओं ने बताया कि कभी कभी मनचलों की हिम्मत इतनी बड़ जाती हैं कि वे घर तक पीछा करते हुए पहुंच जाते हैं, परन्तु छात्राएं इस भय से कि कहीं घरवाले कॉलेज जाना ही बंद ना करवा दें घर पर मनचलों की शिकायत नहीं कर पाती है और इस वजह से मनचलों की हिम्मत और बढ़ जाती है।
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शहर में छेड़खानी की घटनाएं आम बात हो गई है। रेलवे स्टेशन ,कॉलेज ,स्कूल,बस स्टैंड जैसी जगहें मनचलों के निशाने पर रहते हैं।स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को अधिकतर सेक्सुअल हैरेसमेंट का शिकार होना पड़ता है। नाम जाहिर न करने की शर्त पर छात्राओं ने बताया कि कभी कभी मनचलों की हिम्मत इतनी बड़ जाती हैं कि वे घर तक पीछा करते हुए पहुंच जाते हैं, परन्तु छात्राएं इस भय से कि कहीं घरवाले कॉलेज जाना ही बंद ना करवा दें घर पर मनचलों की शिकायत नहीं कर पाती है और इस वजह से मनचलों की हिम्मत और बढ़ जाती है।
