नरसिंहपुर।
बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का क्रियान्वयन किस प्रकार संचालित किया जा रहा है प्रशासन की यह जानने में कोई रुचि नहीं दिखाई देती। जिले के संचालित मध्याह्न भोजन योजना को किस तरह पलीता लगाया जा रहा है,यह किसी भी भोजन समूह का निरीक्षण कर आसानी से समझा जा सकता है।परंतु अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कोई शिकायत दर्ज ही नहीं की जाती हैं।मुख्य समस्या भोजन की गुणवत्ता के अलावा एक और है कि बच्चों को भोजन के बाद अपने बर्तन मांजने पड़ते हैं।शासन और जनता को समूह भ्रमित करते हैं कि प्रशासन की ओर से बर्तन साफ करने के लिए किसी प्रकार का कोई नियम नहीं है जबकि नियम में यह स्पष्ट लिखा होता है कि भोजन पकाने और वितरण के बर्तन को साफ करने की जिम्मेदारी समूह की होगी।
बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का क्रियान्वयन किस प्रकार संचालित किया जा रहा है प्रशासन की यह जानने में कोई रुचि नहीं दिखाई देती। जिले के संचालित मध्याह्न भोजन योजना को किस तरह पलीता लगाया जा रहा है,यह किसी भी भोजन समूह का निरीक्षण कर आसानी से समझा जा सकता है।परंतु अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कोई शिकायत दर्ज ही नहीं की जाती हैं।मुख्य समस्या भोजन की गुणवत्ता के अलावा एक और है कि बच्चों को भोजन के बाद अपने बर्तन मांजने पड़ते हैं।शासन और जनता को समूह भ्रमित करते हैं कि प्रशासन की ओर से बर्तन साफ करने के लिए किसी प्रकार का कोई नियम नहीं है जबकि नियम में यह स्पष्ट लिखा होता है कि भोजन पकाने और वितरण के बर्तन को साफ करने की जिम्मेदारी समूह की होगी।