नरसिंहपुर।
महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने कहा कि कॉलेज के कैंपस में आए दिन बाहरी लोग आकर लड़ाई झगड़ा करते हैं परन्तु प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है,यह समस्या विगत कई वर्षों से चल रही है। छात्राओं को भी उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। ऐसा प्रतीत होता है कि कॉलेज शिक्षा के मंदिर ना होकर गुंडा गर्दी के अखाड़े बन गए हैं। विद्यालय परिसर सुरक्षित नहीं रह गए आए दिन असमाजिक तत्वों के द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़, ग्रामीण क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों के साथ मार पिटाई, राजनीतिक दलों के समर्थन का नाम लेकर अपनी धाक जमाने की कोशिश बस यही वर्षों का क्रम बन गया है। छात्र छात्राओं के अपने सपनों को साकार करने का प्रयास ,और महाविद्यालय में अशांति के माहौल में अपने को असुरक्षित महसूस करते हुए किस प्रकार शिक्षा को प्राप्त कर भविष्य को उज्जवल बनाने की कोशिश कर पाते हैं यह चिन्ता का विषय है।
प्रबंधन की कोशिश अपने स्तर पर सार्थक और सराहनीय कही जा सकती है,हमेशा प्रबंधन पर दोष देकर छात्र छात्राएं अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो सकते। छात्रों और छात्राओं को स्वयं अपने स्तर पर भी कोशिश जारी रखना चाहिए,अपने बाहरी मित्रों को कॉलेज में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने ना दें,असमाजिक तत्वों की हौसला अफजाई आप स्वयं ही ना करें।

