नरसिंहपुर।
जिला अस्पताल नरसिंहपुर में लगभग ८ माह के दौरान ६०० आपरेशन किए गए हैं,मरीज के परिजनों की माने तो लगभग ५००० रुपए में ऑपरेशन का सौदा तय होता है। अस्पताल प्रबंधन ने खुद किसी बड़ी गड़बड़ी की आशंका से ऑपरेशन पर बिना समिति की अनुशंसा के रोक लगा दी है। हालाकि विवादों के चलते अस्पताल प्रबंधन स्वयं संदेह के दायरे से परे नहीं पर है। वैसे भी ऑपरेशन कोई भी हो बिना जेब गर्म किए अस्पताल में आप इलाज नहीं करवा सकते हैं। इसके कई उदाहरण सामने है,रात के समय अक्सर मरीज के परिजनों को बाहर मेडिकल पर भटकते हुए देखा जा सकता है। हाथ में निशुल्क दवा की पर्ची और चेहरे पर मायूसी का भाव अस्पताल के रवैए का हाल बयां करता है।
जिला अस्पताल नरसिंहपुर में लगभग ८ माह के दौरान ६०० आपरेशन किए गए हैं,मरीज के परिजनों की माने तो लगभग ५००० रुपए में ऑपरेशन का सौदा तय होता है। अस्पताल प्रबंधन ने खुद किसी बड़ी गड़बड़ी की आशंका से ऑपरेशन पर बिना समिति की अनुशंसा के रोक लगा दी है। हालाकि विवादों के चलते अस्पताल प्रबंधन स्वयं संदेह के दायरे से परे नहीं पर है। वैसे भी ऑपरेशन कोई भी हो बिना जेब गर्म किए अस्पताल में आप इलाज नहीं करवा सकते हैं। इसके कई उदाहरण सामने है,रात के समय अक्सर मरीज के परिजनों को बाहर मेडिकल पर भटकते हुए देखा जा सकता है। हाथ में निशुल्क दवा की पर्ची और चेहरे पर मायूसी का भाव अस्पताल के रवैए का हाल बयां करता है।