ग्राम उमरिया।
विगत दिनों लोक सेवा की वेबसाइट तकनीकी कारणों से बंद रही जिसका खामियाजा उमरिया के ग्रामीणों को दीपावली के समय भुगतना पड़ा,क्यूंकि वेबसाइट बंद होने के कारण पंचायत के खाते में राशि होने पर भी गरीब मजदूरों का भुगतान नहीं हुआ।वर्तमान सरकार शायद उद्योगपतियों और पूंजीपतियों की हितैषी है,शासन की कार्य प्रणाली संतोष जनक नहीं प्रतीत होती।एक और अनेकानेक योजनाएं शुरू कर दी जाती है परन्तु जमीनी हकीकत कुछ और है।गरीब और मजदूर वर्ग की योजनाओं से कुछ बदला है तो अधिकारियों का जीवन स्तर,परंतु शासन के पास अपने चहेते अधिकारियों की शिकायत सुनने का भी समय नहीं है।
विगत दिनों लोक सेवा की वेबसाइट तकनीकी कारणों से बंद रही जिसका खामियाजा उमरिया के ग्रामीणों को दीपावली के समय भुगतना पड़ा,क्यूंकि वेबसाइट बंद होने के कारण पंचायत के खाते में राशि होने पर भी गरीब मजदूरों का भुगतान नहीं हुआ।वर्तमान सरकार शायद उद्योगपतियों और पूंजीपतियों की हितैषी है,शासन की कार्य प्रणाली संतोष जनक नहीं प्रतीत होती।एक और अनेकानेक योजनाएं शुरू कर दी जाती है परन्तु जमीनी हकीकत कुछ और है।गरीब और मजदूर वर्ग की योजनाओं से कुछ बदला है तो अधिकारियों का जीवन स्तर,परंतु शासन के पास अपने चहेते अधिकारियों की शिकायत सुनने का भी समय नहीं है।
