ग्राम नयागांव।
बच्चों के विकास के लिए शासन चाहे लाख योजनाएं लागू करें परन्तु विद्यालय की स्थिति में सुधार ना लाकर अपनी जेबें गर्म करना शिक्षकों और अधिकारियों की आदत में आ गया है। विद्यालय परिसर में शराब की बोतलें और गुटखे के पाउच अहसास दिलाते है कि बच्चों की सुरक्षा हेतु प्रबंधन कितना सचेत है। बच्चों से बाहर नल पर बर्तन धुलवाने और शौचालय की नियमित सफाई ना होना शिक्षकों के तानाशाही रवैए को जाहिर करता है परन्तु जब शासन से मोटी रकम तनख्वाह में मुक्ति है तब कार्य करने की आवश्यकता कहां बचती है शायद यही सोच ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में देखी जा सकती है।शासन द्वारा भेजे गए पैसों का दुरुपयोग करना शिक्षकों,अधिकारियों से बेहतर और कोई नहीं जानता है।