संत कबीर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास अधीक्षक और अधिकारियों के उपेक्षात्मक रवैए से छात्रावास में रहने वाले छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाहियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है, योजनाबद्ध तरीके से छात्रों को अधीक्षक का कोप भाजन बनना पड़ रहा है।अधीक्षक बच्चों के अध्ययन में बाधा डालकर छात्रों के भविष्य से गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं।निर्दोष छात्रों की शिकायत भी अधीक्षक की अधिकारियों के साथ मिलीभगत के कारण नहीं सुनी जा रही है।बच्चों के भोजन का निवाला छीन कर भी उनकी शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है, ह्यदयहीन अधिकारी शिकायत के बावजूद कुछ भी सुनने को तैयार नहीं, छात्रों द्वारा यह बताने के बाद भी कि भोजन उन्हें बनाना पड़ रहा है आराम कक्ष में बैठे अधिकारी मानने को तैयार नहीं बल्कि पलटकर छात्रावास अधीक्षक की पैरवी कर रहे हैं कि भोजन बनाने के लिए कर्मचारी लगा है भ्रष्ट अधिकारियों और अधीक्षक को यह अहसास नहीं की जनता अब जाग चुकी है।
संत कबीर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास अधीक्षक और अधिकारियों का छात्रों के साथ दुर्व्यवहार।
संत कबीर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास अधीक्षक और अधिकारियों के उपेक्षात्मक रवैए से छात्रावास में रहने वाले छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाहियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है, योजनाबद्ध तरीके से छात्रों को अधीक्षक का कोप भाजन बनना पड़ रहा है।अधीक्षक बच्चों के अध्ययन में बाधा डालकर छात्रों के भविष्य से गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं।निर्दोष छात्रों की शिकायत भी अधीक्षक की अधिकारियों के साथ मिलीभगत के कारण नहीं सुनी जा रही है।बच्चों के भोजन का निवाला छीन कर भी उनकी शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है, ह्यदयहीन अधिकारी शिकायत के बावजूद कुछ भी सुनने को तैयार नहीं, छात्रों द्वारा यह बताने के बाद भी कि भोजन उन्हें बनाना पड़ रहा है आराम कक्ष में बैठे अधिकारी मानने को तैयार नहीं बल्कि पलटकर छात्रावास अधीक्षक की पैरवी कर रहे हैं कि भोजन बनाने के लिए कर्मचारी लगा है भ्रष्ट अधिकारियों और अधीक्षक को यह अहसास नहीं की जनता अब जाग चुकी है।