नरसिंहपुर।
चेक रखकर कर्ज देने का अवैध धंधा नगर में पांव पसार चुका है इसके कारण लोगों को अपनी जान तक गवानी पड़ी है परन्तु अधिकारियों की मिलीभगत के चलते किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही गैर लाइसेंसी सूदखोर साहूकार के विरुद्ध नहीं होने से शासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। मध्य प्रदेश साहूकार अधिनियम १९३४ के प्रावधान के अनुसार सभी गैर लाइसेंसी कर्ज शून्य समझे जाएंगे।
कानून में यह प्रावधान है।
१- ब्याज का कारोबार करने वालों के अकाउंट का पंजीयन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर किया जाएगा।
२- देनदार द्वारा दी गई राशि का पूर्ण विवरण दर्ज किया जाना चाहिए।
३- ब्याज का कारोबार करने वालों को कर्जदार का चेकबुक या एटीएम रखने का अधिकार नहीं होगा।
४-सूद का कारोबार करने वाले बिना कर्जदार की अनुमति के खाते से पैसे नहीं निकाल सकते हैं।
लोक सेवा आयोग द्वारा सचिव को आदेश दिए गए हैं कि सूदखोरों की शिकायत के लिए हेलपलाइन नंबर जारी किए जाएं।
लोक आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश की प्रति भी प्रेषित की कि है जिसमें सूदखोरों से प्रताड़ित व्यक्तियों को पूरी रकम वापस दिलाने का प्रावधान है।
चेक रखकर कर्ज देने का अवैध धंधा नगर में पांव पसार चुका है इसके कारण लोगों को अपनी जान तक गवानी पड़ी है परन्तु अधिकारियों की मिलीभगत के चलते किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही गैर लाइसेंसी सूदखोर साहूकार के विरुद्ध नहीं होने से शासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। मध्य प्रदेश साहूकार अधिनियम १९३४ के प्रावधान के अनुसार सभी गैर लाइसेंसी कर्ज शून्य समझे जाएंगे।
कानून में यह प्रावधान है।
१- ब्याज का कारोबार करने वालों के अकाउंट का पंजीयन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर किया जाएगा।
२- देनदार द्वारा दी गई राशि का पूर्ण विवरण दर्ज किया जाना चाहिए।
३- ब्याज का कारोबार करने वालों को कर्जदार का चेकबुक या एटीएम रखने का अधिकार नहीं होगा।
४-सूद का कारोबार करने वाले बिना कर्जदार की अनुमति के खाते से पैसे नहीं निकाल सकते हैं।
लोक सेवा आयोग द्वारा सचिव को आदेश दिए गए हैं कि सूदखोरों की शिकायत के लिए हेलपलाइन नंबर जारी किए जाएं।
लोक आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश की प्रति भी प्रेषित की कि है जिसमें सूदखोरों से प्रताड़ित व्यक्तियों को पूरी रकम वापस दिलाने का प्रावधान है।