जिले की सीमा से लगे लाल पुल के आगे वन क्षेत्र के प्रारम्भ होते ही वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि यहां सड़क पर सैकड़ों बंदर बैठे रहते हैं।आने जाने वाले लोग वानरों को खाने की वस्तुएं फेंकते हुए चले जाते है उसके बाद वहां सैकड़ों वानर सड़क पर ही महफ़िल जमा लेते हैं।अगर कोई राहगीर मार्ग में रुकना भी चाहे तो वानरों की टोली व्यक्ति को घेर लेती है बेचारा राहगीर घबरा कर वहां से भागता है।
नरसिंहपुर वन क्षेत्र में एक स्थान ऐसा भी जहां रुकना नहीं चाहिए।
जिले की सीमा से लगे लाल पुल के आगे वन क्षेत्र के प्रारम्भ होते ही वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ती है क्योंकि यहां सड़क पर सैकड़ों बंदर बैठे रहते हैं।आने जाने वाले लोग वानरों को खाने की वस्तुएं फेंकते हुए चले जाते है उसके बाद वहां सैकड़ों वानर सड़क पर ही महफ़िल जमा लेते हैं।अगर कोई राहगीर मार्ग में रुकना भी चाहे तो वानरों की टोली व्यक्ति को घेर लेती है बेचारा राहगीर घबरा कर वहां से भागता है।