बड़गावा।
जर्जर भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकता है संचालिका श्रीमती पटेल के अनुसार ग्राम पंचायत में सात लाख रुपए सेंक्शन शासन द्वारा लगभग तीन माह पूर्व किए जा चुके हैं परन्तु पंचायत के पास फंड नहीं होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है भवन कभी भी भरभरा कर गिर सकता है।हालत देखकर आश्चर्य होता है कि दो कुपोषित बच्चों को जिला चिकित्सालय में उपचार के बाद भी बच्चों का वजन एक किलो तक कम हो गया क्यों की शासन द्वारा बच्चों को भेजी गई सामग्री सुपरवाइजर द्वारा समय पर नहीं प्रदान की जाती है।
